मासन का होली
Wiki Article
वाराणसी, जिसे कभी 'बनारस' वाराणसी के नाम से जाना जाता था, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए विश्वभर में मशहूर है। मासन होली, यहाँ का एक अनोखा और उत्साहपूर्ण उत्सव more info है, जो सामान्य रंगपंचमी से काफ़ी अलग है। यह उत्सव मासन क्षेत्र में मनाया जाता है, जहाँ लोग पारंपरिक धार्मिक संगीत और नृत्य के साथ रंग फेंकते हैं। मासन होली में, मिट्टी के घड़ों से रंगीन पानी की शरबत फेंका जाता है, जो देखने में बहुत ही शानदार लगता है। यह अनुभव अनगिनत लोगों को अपनी ओर आकर्षित है, जो इस विशेष उत्सव का हिस्सा लेने आते हैं।
मासन का त्यौहार
मासन की होली , हिमाचल प्रदेश के मनाली जिले के मासन गांव में मनाया जाने वाला एक विशेष पारंपरिक कार्यक्रम है। यह उत्सव अन्य जगहों की रंगपंचमी से काफी विशिष्ट होता है, क्योंकि यहां लोग जानवरों के चमड़े के सामान से बने वस्तुओं का उपयोग करते हैं। निवासी इस त्योहार को अपनी विरासत को बनाए रखने के लिए उत्सव के रूप में देखते हैं , और यह पीढ़ी दर वंश आगे बढ़ता जा रहा है। इस परंपरा लोगों को आकर्षित करती है और राज्य की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वाराणसी में मासन होली का उत्सव
मासन होली, बनारस के लोगों के लिए एक अनूठा और बेहद उल्लासपूर्ण पर्व है। यह होली के रंगोत्सव से पहले मनाया जाता है, और इसकी शुरुआत फाल्गुन मास की पूर्णिमा से होती है। स्थानीय रिवाजों के अनुसार, इस दिन लोग एक-दूसरे को रंगों से रंगते हैं और पूरे शहर में जुलूस निकालते हैं। विशेष रूप से, मासन मंदिर क्षेत्र में यह उत्सव बड़ा धूमधाम से मनाया जाता है, जहाँ भक्तगण {भगवान|ईश्वर|देव) शंकर और पार्वती को समर्पित झांकियों और पूजन में भाग लेते हैं। मासन होली, एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में, काशी की रंगीन परंपराओं में से एक है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इस एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है।
मासन उत्सव
मासन होली, जो अनुष्ठान है जिससे मुख्य रूप से उत्तराखंड के मासन प्रांत में हर्षोल्लास के साथ उत्सव मना जाता है। यह होली पारंपरिक होलियों से काफी माहौल प्रदान करती है, जिसमें यहां रंगों साथ-साथ शंख बजाना और पवित्र कीर्तन भी शामिल हैं। इतिहास के अनुसार मासन होली का संबंध बहुत पुराने समय से है, जब यह क्षेत्रफल के पारंपरिक संस्कृति और का आवश्यक हिस्सा है। यह रीति-रिवाज अभी भी जारी है, जिससे मासन समुदाय की पहचान को सशक्त है।
बनारस में मासन होली की धूम
काशी में मासन होली का समारोह पूरे शोर के साथ मनाया जा रहा है। यह पारंपरिक त्योहार, खासकर शहर के मासन क्षेत्र में बड़ी उत्साह के साथ मनाया जाता है। अबीर की बौछार, मस्ती और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। स्थानीय मासन होली में, महिलाएं एक-दूसरे को गेरुआ लगाकर बधाई देते हैं, और कीर्तन के साथ उल्लास मनाते हैं। यह सच में एक अनोखा अनुभव है, जो लोगों को आकर्षित करता है।
मासन होली
मासन होली, जिसे त्योहार रंग और उल्लास का भव्य अनुष्ठान है। यह विशिष्ट रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों में मनाया जाता है। जाना जाता है है कि मासन होली वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और यह दुष्टता पर प्रकाश की जीत का भी संदेशवाहक है। लोग उल्लास से रंग खेलते हैं, गीत गाते हैं और पारंपरिक नृत्य करते हैं, जो कि वास्तविक दृश्य होता है। इस श्रेष्ठ अवसर पर, हर कोई मिलनसार होकर एक-दूसरे को रंग लगाने और बधाई देने के लिए निकट आता है, जो कि गहरा प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है।
Report this wiki page